
अवैध रूप से हुये मंदिर विस्थापन से मध्यप्रदेश सरकार की छवि हुई कंलकित ।
इटारसी // मनीष जायसवाल
इटारसी – श्री दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर संघर्ष समिति के द्वारा जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जन सुनवाई में उपस्थित होकर एक शिकायत पत्र देकर निम्न बिन्दुओं पर जाँच एवं दोषीयों पर कार्यवाही की मांग की गई।
27 एवं 28 सितम्बर 25 को 80 साल पुराने मंदिर को गोठी धर्मशाला के एक भाग में स्थापित किया गया है।
मध्यप्रदेश के अधिनियम और नियमों के अन्तर्गत जिला कलेक्टर द्वारा कोई महत्वपूर्ण आदेश अवश्य तत्कालीन एस डी एम इटारसी को अवश्य किया गया होगा। जब इटारसी कार्यालय से RTI में जानकारी मांगी तो पत्र के द्वारा जबाब प्राप्त हुआ कि कार्यालय में कोई दस्तावेज उपलब्ध नही है। गोठी धर्मशाला के अध्यक्ष संजीव हनी को मध्यप्रदेश राज्य शासन के द्वारा धर्मस्व के लिये दी गई धर्मशाला की भूमि की लीज का 11 मार्च 2015 के बाद नवीनकरण नही हुआ है। इस के बाद भी हनी गोठी एवं प्रमोद पगारे द्वारा नगरपालिका इटारसी की पूर्व अनुमति लिये बिना मंदिर का निर्माण करवाया गया है,इस सम्पूर्ण घटनाक्रम से मध्यप्रदेश शासन की छवि स्थानीय जनमानस में कलंकित हुई है। शिकायत के साथ सभी संबंधित दस्तावेजों की प्रमाणित छाया प्रति भी संलग्न की गई।
समिति के संरक्षक गोपाल सोनी जन सुनवाई प्रभारी महोदय से निवेदन किया हमें मंदिर के स्थान परिवर्तन में जिला कलेक्टर के आदेश की प्रमाणित प्रति तथा राजनैतिक दबाब में अपने कर्त्तव्यों का पालन नही करने वाले तत्कालीन एस डी एम , तहसीलदार एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी की भूमिका की जाँच कर कार्यवाही की माँग की गई।

गोपाल सोनी
संरक्षक
दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर संघर्ष समिति इटारसी
मो० 9425342780 ,9300881003









