
विश्व हिंदू परिषद ने स्वामी लक्ष्मणानन्द सरस्वती का बलिदान दिवस पर किया नमन.
सिवनी मालवा// मनीष जायसवाल
स्वामी लक्ष्मणानन्द सरस्वती के आज 23 अगस्त बलिदान दिवस पर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल ने बलिदान दिवस मनाकर श्रृद्धा सुमन अर्पित कर किया नमन।
उक्त जानकारी देते हुए विश्व हिंदू परिषद नगर सह समरसता प्रमुख बलराम विश्वकर्मा ने बताया कि
आज हिंदू जागरण के अग्रदूत्व 23 अगस्त स्वामी लक्ष्मणानन्द सरस्वती जी के बलिदान दिवस अवसर पर स्थानीय राठौर धर्मशाला मैदान पर कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर स्वामी लक्ष्मणानन्द सरस्वती जी के चित्र को सजाकर दीप प्रज्वलित कर हार माला चढ़ाकर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद प्रांत सह धर्माचार्य संपर्क प्रमुख शिव राठौर ने बलिदान दिवस अवसर पर सभी को संबोधित करते हुए कहा कि वे एक हिंदू संत थे उनका जन्म जिला तालचेर उड़ीसा में 1924 में हुआ था। 1966 प्रयाग कुंभ में संघ के द्वितीय संघ चालक पूज्य संतों के आग्रह पर नर सेवा नारायण सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया 1000 से अधिक गांवों में श्री मद भगवत गीता टुंगी स्थापित कर श्री मद भगवत गीता की स्थापना की थी । उन्होंने जीवन पर्यंत हिंदुत्व की अलख जगाई संकल्प लिया था कि मेरे रहते कोई भी हिंदुओं का धर्मांतरण नहीं कर सकता ईसाई मिशनरियों उड़ीसा कंधमाल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण करा रही थी जिसमें जनजातीय संस्कृतियां पूजा पद्धति ओर परम्परा के आगे गंभीर संकट खड़ा हो गया स्वामी जी ने सभी को जागरूक संगठित करना प्रारंभ किया उन्होंने 4 दशकों तक कड़ा परिश्रम कर कई गुरुकुल कन्या आश्रम विद्यालय महाविद्यालय खोले सभी के सहयोग से ढेरों प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया वनवासी जिलों में भगवान जगन्नाथ रथयात्रा निकलना शुरू किया स्वामी जी वेदांत दर्शन संस्कृत व्याकरण में भारत के सर्वश्रेष्ठ विद्वानों में गिने जाते थे उनके गए परिश्रम का परिणाम था कि ईसाई मिशनरियों का धंधा बंद होता जा रहा था उस क्षेत्र को स्वतंत्र बनाने के लिए उनका जो इरादा था उसे रोकने के लिए स्वामी जी को भगवान ने ही उनको भेजा था वे 23 अगस्त 2008 वह जन्माष्टमी का दिन था शंकराचार्य कन्या आश्रम में उत्सव मनाया जा रहा था तभी 30 40 चर्च से प्रेरित हमलावरों ने कक्ष के चारों से घेर लिया ak 47 से उनकी जघन्य हत्या कर दी गई धर्मांतरण के लिए लड़ने वाले विलक्षण संत का बलिदान के बाद उड़ीसा में हिंदुओं का आक्रोश बढ़ा ओर चर्च एवं मिशनरियों के आतंक को हमेशा के लिया समाप्त कर दिया गया।
सरकार पूज्य संत के बलिदान को ध्यान रखते हुए धर्मांतरण के लिए कड़ा कानून बनाए जिससे कि धर्मांतरण पर अंकुश लगाई जा सके।
कार्यक्रम का संचालन नगर मंत्री सुशील गोहर ने किया एवं अंत में सभी का आभार नगर उपाध्यक्ष नरेंद्र योगी ने व्यक्त किया।
विश्व हिंदू परिषद के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रांत सह धर्माचार्य संपर्क प्रमुख शिव राठौर नगर मंत्री सुशील गोहर संतोष पाल कमल पाल सुदीप सेन सावंत मिश्रा पंडित अनिल शास्त्री राजा बाथ ब बल्लू जक नोरे गोपाल पाल गब्बू सूर्यवंशी कैलाश जल्खरे संतोष विशेपिया मनीष बाथ ब दिलीप घावरी प्रमोद विशेपिया के साथ ही बड़ी संख्या में कार्यकर्तागण नागरिक जन उपस्थित रहे।








