
ये रेत परिवहन वैध है या अवैध…कौन करेगा जांच और कार्यवाही… तवा नदी का सीना छलनी कर रहा खनन माफिया… जिले में एनजीटी की रोक और निर्देश बेअसर.. प्रशासन की आँखों पर बंधी ‘सुविधाजनक’ पट्टी — रमेश के साहू एडवोकेट.
इटारसी// जिला नर्मदापुरम
मनीष जायसवाल
जिले को सिंचित कर किसानों को फसल और हरियाली देने वाली तवा नदी इन दिनों खनन माफियाओं की क्रूरता और प्रशासनिक पंगुता का सीधा शिकार बन रही है।
प्रदेश कांग्रेस लीगल सेल के पूर्व संगठन सचिव रमेश के साहू एडवोकेट ने आरोप लगाया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्त रोक और नियमों को ठेंगा दिखाते हुए मेहराघाट सहित नदी के मरोड़ा और अन्य घाटों से धड़ल्ले से रेत का अवैध उत्खनन जारी है, जो स्पष्ट रूप से माफिया और सिस्टम के बीच कथित साठगांठ और मिलीभगत की ओर इशारा करती है।
रमेश के साहू एडवोकेट ने जारी किया वीडियो.
पूछा ये रेत परिवहन वैध है या अवैध ??…
नई गरीबी लाइन से गुजरती ‘मौत की ट्रॉलियां’ यदि वैध है तो दिन में क्यों नहीं?
रात में ही क्यों ?
.सर्वे अनुसार इटारसी शहर में ही हर रोज लगभग 200 ट्रॉली अवैध रेत खुलेआम खपाई जा रही है माफियाओं ने बाकायदा अपना एक तंत्र और “टाइम-टेबल” सेट कर रखा है। शाम 4 बजे, रात 8 बजे, 11 बजे और रात 2 बजे एक साथ 8 से 10 ट्रॉलियों का काफिला गुजरता है। वहीं, तड़के 4 बजे से सुबह 7 बजे तक तो ट्रॉलियों की निर्बाध लाइन लगी रहती है।
खनिज विभाग सहित पूरा प्रशासनिक तंत्र (सिस्टम) ‘जानबूझकर’ आँख में पट्टी बांधकर मौन!!!
कांग्रेस नेता श्री साहू ने कहा नई गरीबी लाइन सहित अनेको रहवासी इलाकों के लोग उनसे मिले और बताया कि बच्चे और नागरिक असुरक्षित है क्योंकि ड्राइवर बेखौफ होकर वहां चलते है।प्रदेश कांग्रेस के पूर्व स्टार प्रचारक और सचिव रमेश के साहू ने जिला प्रशासन से इस अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने की मांग की है।अन्यथा एन जी टी और युक्ति युक्त फोरम में रेत माफिया को संरक्षण देने वाले अधिकारियों के खिलाफ पद और नाम सहित कार्यवाही की जाएगी।









