
नगर पालिका एवं प्रशासन ने मुख्य बाजार में अतिक्रमण हटाओ मुहिम शुरू की.
इटारसी// मनीष जायसवाल
नगर पालिका एवं पुलिस प्रशासन का संयुक्त अमला आज जयस्तम चौक से लगे हुए जवाहर बाजार में शाम 5:00 बजे पहुंचा एवं अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को चेतावनी दी कि वह तय की गई निर्धारित सीमा से आगे दुकान का सामान फैला कर ना रखें और ना यातायात बाधित करें यह व्यवस्था परमानेंट रहेगी और जो भी व्यापारी इसका उल्लंघन करेंगे उनसे जुर्माना वसूला जाएगा साथ ही सामान भी जप्त किया जाएगा.
नगर पालिका और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मे अधिकारी गण मे मुख्य नगर पालिका अधिकारी,थाना प्रभारी इटारसी,एसडीओपी इटारसी के साथ नगर पालिका एवं थाने का स्टाफ बड़ी संख्या में मौजूद था
मुख्य बाजार में फल के ठेले लगाने वालों को भी कार्रवाई करके चेतावनी दी गई फल स्वरुप कुछ देर के लिए फल के ठेले लगाने वाले चले गए लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के जाने के तुरंत बाद आकर अपने पुनः उसी स्थान पर खड़े हो गए.इटारसी में फल के ठेले वालों की समस्या राज-रोग है इसका कोई स्थाई हल कभी नहीं निकल पाया है फल के ठेले वालों को इटारसी के मुख्य सब्जी बाजार में स्थाई दुकान,जगह और चबूतरे तक दिए गए.लेकिन वे लोग वहां दुकान लगाना नहीं चाहते हर बार खदेड़ा जाता है वह कुछ दिन बाद यह लोग वापस लौट आते हैं
मुख्य समस्या, क्यों करते हैं फल के ठेले लगाने वाले मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण?
इटारसी के ज्यादा बुद्धिजीवी नागरिकों,माता बहनों और जनप्रतिनिधियों से सवाल है आज तक यह व्यवस्था क्यों नहीं सुधर पाई? कौन सी इच्छा शक्ति की कमी है जहां नगर पालिका जैसी सक्षम संस्था हो जो सरकार के नियमों से संचालित होती हो वहां कोई भी काम का सिस्टम होता है यह सिस्टम यहां क्यों नहीं बन पाया? इटारसी में रहने वाला कोई भी आम नागरिक भोपाल, नागपुर,मुंबई, दिल्ली चला जाए तो वह सब्जी लेना भूल जाएगा क्योंकि इतनी दूर-दूर बाजार है यहां गली मोहल्ले की दुकानों की बात नहीं हो रही है मुंबई,दिल्ली,भोपाल में रहने वाले लोग भी बाजार जाने के लिए सिटी बसों से जाते हैं और सब्जी लेकर आते हैं तो यहां दो कदम पर जो सब्जी मार्केट है वहीं से फल क्यों नहीं लेते मुख्य समस्या फल ठेले वाले नहीं आम नागरिक हैं जिन्हें यह आदत पड़ गई है जब हर मार्केट की एक जगह निर्धारित कर दी गई है तो किसी दूसरे मार्केट में क्यों जबरन रोड पर कब्जा करके ठेले लगाना यह तो नियमों का उल्लंघन भी है इसके लिए फल ठेले वाले निसंदेह दोषी हैं लेकिन आम नागरिक भी जिन्हें ठीक तरीके से जागरूक नहीं किया गया है या यूं कहे की जो अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाना चाहते बराबर के दोषी है व्यापारी और अतिक्रमणकारि भी यह सोच कर बैठे रहते हैं आज प्रशासन अतिक्रमण हटाने आया है रोज-रोज कौन अधिकारी आएगा? दो-चार दिन बाद थोड़ी आएगा,आज सामान हटा लो फिर लगा लेंगे. इसलिए यह समस्या सुलझ नहीं रही है
मुख्य बाजार में खड़े रहते हैं चार पहिया वाहन
इटारसी 1 लाख से कम आबादी वाला छोटा शहर है जहां जयस्तंभ एवं अन्य स्थानों पर अव्यवस्थित रूप से दोपहिया पार्किंग के स्थान पर चार पहिया वाहन दिन भर खड़े रहते हैं जबकि वह जगह चार पहिया वाहनों के लिए निर्धारित नहीं है इससे पूरे बाजार का सिस्टम बिगड़ जाता है बाजार के व्यापारियों को अपने दो पहिया वाहन लगाने के लिए जगह ढूंढनी पड़ती है.
अतिक्रमण करने वाले बाजार के व्यापारियों की समस्या एवं सुझाव.
अब दूसरी बात करें मुख्य बाजार में नगर पालिका परिषद की बनी दुकानों पर जो व्यापारी दुकान कर रहे हैं और जो की दुकानों का निर्धारित सालाना किराया नगर पालिका परिषद को देते हैं जिससे नगर पालिका को प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में इनकम होती है इन दुकानों में व्यापार कर रहे व्यापारियों की समस्या अलग है इन दुकानों का साइज छोटा है दुकानों का मार्केट 55-60 साल पुराना है किसी की दुकान 10 बाय 10 की,किसी की 10 बाई 15, की कुल मिलाकर आज की स्थिति में जगह छोटी पड़ रही है कई दुकान तो छोटी गुमटियों में संचालित हो रही है तो थोड़ा सा सामान बाहर रखा रहता है सभी में तो नहीं पर 10 बाय 10 में निर्धारित दुकान के ऊपर दुकानों के ऊपर गोदाम बनाने की परमिशन दे देनी चाहिए जिससे नगर पालिका को टैक्स के रूप में9 आय बढ़ेगी. वही समझदार व्यापारी को अतिक्रमण करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.जहां भी दुकान अपनी उम्र पूरी कर चुकी है यानी 50-60 साल पुराना कंस्ट्रक्शन है जो दुकान जर्जर है उस मार्केट को पूरा फाउंडेशन से बनाना चाहिए.इन दुकानों के सामने जो नाली है उनकी भी सफाई नियमित रूप से नहीं होती है फल स्वरुप उसमें डिस्पोजल,व्यर्थ निकलने वाला कचरा इत्यादि जमा होता रहता है प्रशासन यह भी समझे जो दुकानदार निर्धारित सीमा से ज्यादा जगह वापर रहा है उस पर तो कार्रवाई होना चाहिए,पर सभी पर नहीं .
अतिक्रमण की नियमित मॉनिटरिंग हो
शहर में मुख्य बाजार एवं अन्य स्थानों पर अतिक्रमण की नियमित मॉनिटरिंग नहीं हो रही है इसलिए अतिक्रमण बार-बार हो जाता है जिसके लिए इटारसी नगर पालिका परिषद को एक टीम बना देनी चाहिए जो की प्रति सप्ताह मॉनिटरिंग करें जिसका काम केवल अतिक्रमण की निगरानी करना हो जिससे व्यापारी एवं अतिक्रमणकारि नियमों के प्रति सचेत हो जाएंगे और कभी अतिक्रमण नहीं करेंगे.उन्हें भी प्रशासनिक कार्यवाही और जुर्माने का डर रहेगा..







