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प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन भोपाल में हुआ,प्राइवेट स्कूल की समस्याओं को विधि विशेषज्ञों की राय के साथ निराकरण करना जरूरी.।

इटारसी// मनीष जायसवाल

आए दिन मान्यता से लेकर आर टी ई प्रतिपूर्ति देने तक प्राइवेट स्कूलों को नित नए विभिन्न नियमों को थोपकर उनकी पूर्ति करने पर उन्हें मजबूर कर दिया जाता है। कभी माध्यमिक शिक्षा मंडल की संबद्धता राशि लेने की चली आ रही मनमानी तो कभी लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा मान्यता राशि लेने की वसूली। हद तो तब हो जाती हैं कि माध्यमिक स्तर के छोटे स्कूलों को भी राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा अत्यधिक मान्यता राशि जमा कर मान्यता लेना पड़ती है। अन्य सभी समस्या को देखते हुए प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन मध्य प्रदेश द्वारा भोपाल में प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया जिसमें प्रदेश के साथ साथ जिला, संभाग के समस्त पदाधिकारी सम्मिलित हुए। नर्मदापुरम संभागीय अध्यक्ष डॉ प्रताप सिंह वर्मा इस बैठक में शामिल हुए तथा उन्होंने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन को अब अति आवश्यक है कि विधि विशेषज्ञों की राय लेकर आगे शासन प्रशासन से बात की जाए जब शासन प्रशासन बात नहीं मानता है तो माननीय उच्च न्यायालय को संज्ञान में लेकर इन मनचाहे थोपने वाले नियमों से शिथिलता हम पा सकते हैं। यह विधि विशेषज्ञ प्रदेश का कोई भी प्राइवेट स्कूल संचालक जो विधि की पढ़ाई किए हुए हैं उनको सम्मिलित करके इनसे एक सक्रिय टीम बनाई जा सकती है। एसोसिएशन द्वारा अपनी समस्याओं की आवाज आप न्याय विदों के सामने रख कर निराकरण प्राप्त कर सकते हैं । पूरे भारत में मध्य प्रदेश ही ऐसा प्रदेश है जिसमें 5वी, 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड स्तर पर संचालित हो रही है। इसको लेकर हमें हाईकोर्ट जाना आवश्यक है। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह जी ने प्रदेश के सभी संभागों, जिलों, एवं ब्लॉकों में सदस्यता अभियान तेजी से बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही स्कूल संचालन में आने वाली सभी प्रकार की समस्याओं के निराकरण हेतु एकजुट संगठित होकर एसोसिएशन के साथ रहकर मुकाबला करने को कहा।

उन्होंने निजी विद्यालयों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और सरकार का ध्यान निजी स्कूलों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जब सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को स्कूटी जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, तो निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि निजी स्कूलों के छात्र भी समान रूप से योग्य हैं, ऐसे में उनके साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने आरटीई (RTE) के अंतर्गत होने वाले भुगतान को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों को समय पर भुगतान न होना एक बड़ी समस्या है, जिससे स्कूल संचालन प्रभावित हो रहा है। इस मुद्दे पर सरकार को शीघ्र ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक निजी स्कूलों और उनके विद्यार्थियों के साथ न्याय नहीं होगा, तब तक वह इस लड़ाई को पूरी मजबूती से लड़ते रहेंगे। बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने उनके विचारों का समर्थन किया और संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव लक्ष्मीकांत मिश्रा प्रदेश, उपाध्यक्ष यशवंत सिंह चौहान, अनिल दीक्षित आरडी शर्मा एवं मंच संचालन मनीष राय द्वारा किया गया। भोपाल से प्रदेश मीडिया प्रभारी विजय नारायण मिश्रा, संभाग अध्यक्ष सौरभ चौहान, जिला अध्यक्ष शत्रुघ्न निरंजन, इटारसी अध्यक्ष संजय मंडराई उपस्थित रहे।

 

 

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