♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

मतदाता सूची में हेराफेरी सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में हो निष्पक्ष जांच : मुख्य चुनाव आयुक्त को कठपुतली बनाकर दिया सुरक्षा कवच…. रमेश के. साहू एडवोकेट

इटारसी// मनीष जायसवाल

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सेक्रेटरी ऑर्गेनाइजेशन रमेश के. साहू एडवोकेट ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट से स्वयं संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा कि प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम-से-कम 14 अवसरों पर आयोग के विभिन्न निर्णयों पर लिखित आपत्ति दर्ज की।
ये आपत्तियां कथित रूप से दोनों आयुक्तों को विश्वास में लिए बिना निर्णय लेने, फॉर्म-6 में बदलाव, मतदाताओं के नाम हटाने एवं पुनः जोड़ने तथा मतदाता डाटाबेस के केंद्रीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों से संबंधित हैं।

अधिवक्ता साहू ने कहा कि यदि रिपोर्ट में सामने आए तथ्य सही हैं तो यह सामान्य प्रशासनिक मतभेद नहीं, बल्कि करोड़ों मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता से जुड़ा गंभीर मामला है।

उन्होंने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लिए गए विवादित निर्णयों की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। बेहतर हो मा सुप्रीम कोर्ट स्वयं संज्ञान ले।

दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा दर्ज आपत्तियों, संबंधित फाइल नोटिंग और उन पर की गई कार्रवाई को भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

साहू ने कहा—

“भारत के नागरिक का वोट केवल सरकार चुनने का माध्यम नहीं, बल्कि संविधान द्वारा दिया गया लोकतांत्रिक अधिकार है। किसी पात्र मतदाता का नाम अपारदर्शी अथवा त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया से मतदाता सूची से हटाया जाना उसके मताधिकार पर सीधा प्रहार है।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार या किसी अधिकारी द्वारा जानबूझकर मतदाता सूची में अनुचित हस्तक्षेप, अधिकारों का दुरुपयोग अथवा सत्ताधारी राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने का अपराध प्रमाणित होता है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध पद से हटाने सहित विधि-सम्मत आपराधिक कार्रवाई संस्थित की जाए।

अधिवक्ता साहू ने दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित उन सभी राज्यों में मतदाता सूचियों का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की, जहां मतदाताओं के नाम जोड़ने अथवा हटाने को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। जिन निर्वाचन क्षेत्रों में गंभीर अनियमितताओं के कारण चुनाव परिणाम प्रभावित होना प्रमाणित हो, वहां न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत परिणामों की समीक्षा कर पुनर्मतदान अथवा पुनः चुनाव कराया जाए।

श्री साहू ने स्पष्ट आरोप लगाया कि अधिकारों का मनमाना दुरुपयोग कराने की योजना से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कठपुतली बनाकर सरकार ने सुरक्षा कवच इसी लिए प्रदान किया गया है।

 

 

 

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

The specified carousel is trashed.


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

Sorry, there are no polls available at the moment.

Related Articles

Close
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129