
8 अक्टूबर से आयुष्मान इलाज पर संकट – रमेश के. साहू एडवोकेट का भाजपा सरकार पर तंज— “कार्ड जेब में रहेगा, इलाज आखिर कहां मिलेगा?”
इटारसी// मनीष जायसवाल
मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत योजना को लेकर निजी अस्पतालों और सरकार के बीच बढ़ते गतिरोध पर कांग्रेस नेता रमेश के साहू एडवोकेट ने भाजपा सरकार को घेरा है।प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव रमेश के साहू एडवोकेट ने कहा कि भाजपा सरकार आयुष्मान कार्ड को गरीबों के मुफ्त इलाज की बड़ी उपलब्धि बताती रही है, लेकिन यदि निजी अस्पताल ही योजना के तहत इलाज बंद कर देंगे तो गरीब मरीज कार्ड लेकर आखिर कहां जाएगा?
अस्पताल संगठनों के अनुसार लंबे समय से भुगतान लंबित रहने, क्लेम में कटौती व रिजेक्शन और NABH प्रमाणन की अनिवार्यता जैसे मुद्दों को लेकर नाराजगी है। भोपाल के कई अस्पतालों के बारे में ₹1.5 से ₹2 करोड़ तक बकाया होने की बात रिपोर्ट की गई है। संगठनों ने समयबद्ध भुगतान, पारदर्शी क्लेम प्रक्रिया और प्रभावी अपील व्यवस्था की मांग की है,जिसका समर्थन एडवोकेट साहू ने किया है।
क्योंकि भुगतान को लेकर सरकार और अस्पताल संगठनों के दावों में अंतर दिखाई दे रहा है।
“1000 एंबुलेंस दिल्ली पहुंचीं तो यह सरकार के लिए गंभीर सवाल होगा”*
एडवोकेट रमेश के साहू ने कहा, “स्थिति की गंभीरता इसी से समझी जा सकती है कि अस्पताल संगठन मांगों का समाधान नहीं होने पर करीब 1000 एंबुलेंस के साथ दिल्ली जाने तक की बात कह रहे हैं।जिसका गरीब जनता के हितों को देखते हुए समय रहते समाधान करे सरकार क्योंकि सबसे पहली जिम्मेदारी उस गरीब मरीज की है, जो इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड पर भरोसा करके अस्पताल पहुंचता है।









