
डिप्टी रेंजर ने कहा “सिस्टम है पैसा देना ही पड़ता है” परेशान फरियादी ने की लोकायुक्त में शिकायत,वन परिक्षेत्र इटारसी आफिस में लोकायुक्त टीम ने की करवाई,रिश्वत लेते रंगे हाथों किया गिरफ्तार..
इटारसी// मनीष जायसवाल
News date 04/04/2024
भ्रष्टाचार का यह ताजा मामला इटारसी वन परिक्षेत्र जिला नर्मदापुरम का है जिसमें आसफाबाद इटारसी के निवासी लोकेंद्र पटेल जो एक वकील भी हैं, जिन्हें डिप्टी रेंजर राजेंद्र नागवंशी ने 19 हजार रुपये की मांग परिवहन अनुज्ञा पत्र यानी टीपी जारी करने हेतु की. बाद में यह राशि कम करके ₹12000 में बात फाइनल हुई जिसमें ₹5000 डिप्टी रेंजर के ₹5000 रेंजर श्रेयांश जैन और ₹2000 वनपाल को देना तय हुआ,गौर करने वाली बात यह है कि फरियादी खुद वकील है और रिश्वत मांगे जाने पर उसने वन परीक्षित के अधिकारियों को कहा कि वह किसान है और वकील है कम से कम उसे तो छोड़ दें और उससे रिश्वत न ली जाए तो डिप्टी रेंजर ने जवाब दिया कि
“यहां तो सिस्टम है काम करवाना है तो सभी को पैसे देने पड़ेंगे”
बार-बार पैसों का दबाव बनाने पर परेशान होकर फरियादी लोकेंद्र ने लोकायुक्त में शिकायत की.
सूत्रों के अनुसार के पहली बार वन परिक्षेत्र इटारसी में लोकायुक्त टीम ने दबिश दी है। लोकेन्द्र पटेल के ग्राम दमदम में कृषि भूमि है जिसकी मेड पर 7 सागौन के पेड़ थे जो पूर्व में आंधी चलने पर गिर गए थे, जिसके परिवहन के लिए नियम अनुसार वन विभाग से परमिशन यानी टीपी ली जा रही थी जो कि मामूली शुल्क है जो ₹ 10 से ₹50 तक होता है अधिकारियों द्वारा लगातार रिश्वत के लिए दबाव बनाने पर फरियादी वकील लोकेंद्र पटेल ने लोकायुक्त में वन परिक्षेत्र के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और लोकायुक्त टीम ने उन्हें आज रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।







