
शेर के शिकारियों को 04-04 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 25,000-25,000 रूपये जुर्माना..
हिंद7 न्यूज़//नर्मदापुरम
मनीष जयसवाल
माननीय न्यायालय श्रीमान फिरोज अख्तर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी द्वारा शेर के शिकारियों को वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 51(1) के अंतर्गत 04-04 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 25,000-25,000 रूपये जुर्माना
घटना का संक्षिप्त विवरणः- उपनिदेशक अभियोजन, श्री गोविंद शाह ने बताया – घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 03.12.2018 को सहायक संचालक प्रभारी अधिकारी टाइगर स्ट्रारिक फोर्स परिक्षेत्र अधिकारी बागडा पफर को सूचना मिली की राजस्व ग्राम कामठी बालिका छात्रावास के पास जामन सिंह बट्टी के खेत में बने टप्पर के पास धनवर्षा हेतु बाघ की खाल एंव मूंछ के बाल के साथ आरोपीगणों को पूजापाठ करते हुए पकडा गया। पूछताछ में आरोपी हेमंत उर्फ बब्लू बट्टी ने बताया की उसके घर पर पूजा वाले स्थान पर बाघ के 3 नग कटे पंजे एवं 12 नग नाखून रखे है। जिसे वन विभाग के अधिकारियों द्वारा जप्त किया गया। पूछताछ में आरोपीगणों द्वारा बाघ का शिकार छिंदवाडा से करके लाया जाना बताया। आरोपीगणों द्वारा बाघ का शिकार करना स्वीकार किया गया। जिसका प्रकरण तैयार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा सभी आरोपीगण हेमंत उर्फ बब्लू, ओमप्रकाश, जयप्रकाश, चमन सिंह, कुंदन, इंदर, मानक, सिताराम और अर्जुन को वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए निर्णय पारित कर 4-4 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 25-25 हजार रूपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
प्रकरण में शासन की ओर से सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री अखिलेश गंगारे, जिला-नर्मदापुरम द्वारा सशक्त पैरवी की गई। उपरोक्त जानकारी अरूणा नागले मीडिया प्रभारी,अभियोजन कार्यालय नर्मदापुरम द्वारा प्रदान की गई है
दिनांक // 21.11.2025








