
“मुफ्त की योजनाओं का बोझ व्यापारियों पर और जनता पर ” नगर पालिका के आधिपत्य क्षेत्र की हर दुकान से ₹400 प्रति माह कचरा कलेक्शन शुल्क और जिन घरों में सबमर्सिबल पंप लगे हैं उन पर भी डेढ़ सौ रुपए प्रति माह शुल्क लेना हुआ निर्धारित.आज है नगर पालिका परिषद इटारसी की PIC की बैठक, जिसमें होंगे यह प्रस्ताव पास.
इटारसी// मनीष जायसवाल
नगर पालिका परिषद इटारसी द्वारा आज 11 नवंबर 2025 को होने जा रही परिषद की PIC बैठक में नगर पालिका परिषद इटारसी द्वारा अन्य प्रस्ताव के साथ-साथ निम्न प्रस्ताव पर भी होगा निर्णय
जैसा कि व्यापारियों को तीन-चार दिवस पूर्व मीडिया से जानकारी लगी है नगर पालिका के उक्त निर्णय से व्यापारी नाराज है आज 11 नवंबर होने जा रहे हैं नगर पालिका परिषद की बैठक में उक्त निर्धारित बढ़ोतरी को परिषद की बैठक में रखकर प्रस्ताव पारित कर दिया जाएगा, संभवत कोई भी कांग्रेस और बीजेपी का पार्षद इस प्रस्ताव का विरोध नहीं करेगा, नगर पालिका परिषद से यही निवेदन है पिछली PIC बैठक में किराया बढ़ाकर सब खर्च और टैक्स मिलकर वैसे ही दुगना कर दिया गया जो कि वर्तमान में 10 बाय 10 की दुकान का किराया 7000 के आसपास था उसे बढ़ाकर सभी टैक्स और खर्च मिलकर डबल. किया गया है
1 मिनट के लिए हम मान लेते की इटारसी में व्यापारियों का व्यापार बहुत अच्छा चल रहा होता तो बेचारा व्यापारी टैक्स और किराए में हुई बढ़ोतरी को भी झेल लेता लेकिन वह कहते हैं ना की “नंगा नहाएगा क्या और निचोड़ेगा क्या ? वैसे हाल है एक और ऑनलाइन कंपनियों से और कंपटीशन से वैसे ही लोकल व्यापारी को मार पड़ी हुई है साथ में शहर में खुल रहे शॉपिंग मॉल को नहीं रोका जा रहा है जो की इटारसी जैसे शहर में कतई नहीं खुलने थे क्योंकि यहां आबादी ही नहीं है और पिछले वर्षों में कौन सा उद्योग धंधा लग गया आप बताएं ?
बस स्टैंड क्षेत्र व्यापारी भी है दुखी और परेशान नहीं चाहते बस स्टैंड क्षेत्र में शहर की पार्किंग बने.
बस स्टैंड में पार्किंग बनाने के नाम पर परमानेंट बैरिकेड लगा दिए गए हैं इससे वहां का समस्त व्यापारियों का व्यापार खत्म हो गया है व्यापारी भी परेशान है पूर्व में बस स्टैंड को यथावत रखने के लिए ज्ञापन भी दिया गया था उसके बाद भी यह सब कर दिया गया कोई भी व्यापारिक संगठन उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया.
अब व्यापारी किसी के बहकावे में नहीं आएगा अब व्यापारी व्यापारिक संगठनों के कार्यक्रम में जाकर आश्वासन सुनने,कार्यक्रम में दाल बाटी खाने का इच्छुक नहीं है ना वह किसी व्यापारिक संगठन को मानेगा धीरे-धीरे सब व्यापारी समझ रहे हैं और माननीय लोग समय रहते समझ ले.
निवेदक
सभी व्यापारियों की ओर से निवेदन
मनीष जायसवाल
पत्रकार







