
असत्य पर सत्य की जीत का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, दशहरे पर गांधी मैदान में हुआ रावण का दहन.
इटारसी// मनीष जायसवाल
कहते हैं जब रामराज था तब खुशहाली थी हर जगह न्याय और सत्य का वातावरण होता था. भगवान श्री राम ने सत्य अहिंसा और धर्म का पालन करते हुए प्रजा को न्याय दिलाया दुराचारी राक्षसों का सर्वनाश किया इसलिए आज वे भगवान राम के रूप में पूजनीय है हम हिंदू हैं और ईश्वर को प्रतीक और साक्षी मानकर अपना हर कार्य करते हैं क्योंकि सनातन है तो सृष्टि है.
दशहरा पर्व
दशहरे पर रावण का दहन असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक के रूप में हर वर्ष मनाया जाता है इस अवसर पर गांधी मैदान पूरा भरा होता है महिला, पुरुष,बच्चे,बूढ़े सबके मन में हर्ष एवं उल्लास होता है इस अवसर पर सब मौजूद होते हैं गांधी मैदान में रामलीला का आयोजन 9 दिवस चलता है दसवें दिन दशहरे पर रावण का दहन होता है और यह परंपरा बरसों से चली आ रही है और इसको सभी निभाते हैं.








