
विश्व हिंदू परिषद ने संत रविदास की जयंती हर्षोल्लास से मनाई.
सिवनी मालवा// मनीष जायसवाल
संत रविदास जी की जयंती पर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल ने स्थानीय रविदास मंदिर में पूजा अर्चना कर सामाजिक बंधुओ बुजुर्गो को तिलक लगाकर फूल माला पहनाकर अभिनंदन कर जयंती की शुभकामनाएं दी।
उक्त जानकारी देते हुए विश्व हिंदू परिषद नगर सामाजिक समरसता प्रमुख रविंद्र छिरेले ने बताया कि संत रविदास जी की 647 वी जयंती पर प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर सिवनी मालवा के रैदास मोहल्ला में स्थित संत रविदास जी के मंदिर में विश्व हिंदू परिषद विभाग मंत्री शिव राठौर के मार्गदर्शन बजरंग दल जिला सह संयोजक सतीश बकोरिया नगर उपाध्यक्ष अशोक कुचबंदिया जागृत हिंदू संस्कृति रक्षक मंच नगर अध्यक्ष नरेश जायसवाल समाजसेवी रविशंकर राठौर भाजपा अनुसूचित मोर्चा संयोजक संजय पंवार ग्रामीण प्रखंड मंत्री उमेश अंकिले ग्रामीण सत्संग प्रमुख धनसिंह सुरमा आदि की उपस्तिथि में मंदिर में संत रविदास की प्रतिमा पर हार माला चडाकर दीप प्रज्वलित कर पूजा अर्चना की गई। कार्यक्रम में उपस्थित रैदास सामाजिक बंधुओ बुजुर्ग जनों मातृशक्ति का तिलक लगाकर पुष्प हार माला पहनाकर भगवा दुपट्टा भेटकर जयंती पर्व की शुभकामनाएं बधाई दी। जयंती कार्यक्रम में संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री शिव राठौर ने कहा कि पूज्य ऋषि मनीषीओ की भूमि पर जब जब भी विधर्मी यों के अत्याचार बड़े सनातन पर खतरा मंडराया संतों ने दिशा देकर सनातन को बचाने का प्रयास किया है संत रविदास जी का जन्म सन् 1398 मैं माघ पूर्णिमा के दिन रविवार को अवतरण भोले बाबा की धार्मिक नगरी काशी में हुआ रविवार को जन्मे तो उनको रविदास का नाम दिया गया।
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास महान संत होने के साथ ही बे वड़े दर्शन शास्त्री और समाज सुधारक भी थे ईश्वर में अटूट श्रद्धा होने के बाद भी गुरु रविदास जी ने समरसता बराबरी का संदेश पूरा जीवन भर प्रसारित करते रहे किसी जाति के कारण कोई छोटा नहीं होता व्यक्ति द्वारा किए गए कर्मों से उसे निम्न बनाते हैं वे बड़े धार्मिक स्वभाव के थे भक्ति मार्ग पर चलकर संत रविदास ने ईश्वर दिव्य ज्ञान की प्राप्ति की उन्होंने जात पात से ऊपर उठकर लोगों को मन की शुद्धता से रूबरू कराया उन्होंने अपनी आजीविका को धन कमाने का साधन बनाने के बजाय संत सेवा धर्म मार्ग का माध्यम बनाया उनका यह दोहा प्रसिद्ध हुआ कि मन चंगा तो कठौती में गंगा उनका मुस्लिम पीर सदना को अपना शिष्य बनाकर सनातन धर्म की दीक्षा दी। वे महान तपस्वी आध्यात्मिक संत थे
कार्यक्रम का संचालन ग्रामीण प्रखंड मंत्री उमेश अंकिले ने किया अंत में सभी का आभार विहिप नगर उपाध्यक्ष अशोक कुचबंदिया ने किया।
विश्व हिंदू परिषद रविदास जयंती कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विभाग मंत्री शिव राठौर नगर अध्यक्ष सौरभ रघुवंशी उपाध्यक्ष अशोक कुचबंदिया संजय पंवार नरेश जायसवाल रवि शंकर राठौर भाजपा नगर उपाध्यक्ष नीलेश राठौर बजरंग दल नगर संयोजक भुरू बग्गन नगर मठ मंदिर प्रमुख कृष्ण कांत तिवारी नरेंद्र मोटा कलोसिया विक्की राठोर गोलू धुर्वे नरेंद्र यदुवंशी जानी नागले संजय जगताप तरुण सुनानिया रविंद्र छिरेले रैदास स्वजातीय बंधु में अहिरवार समाज के अध्यक्ष भैया लाल जकनोरे फत्तू लाल जी बनवारी रामकिशन जकनोरे राजा गनगोरे दिलीप गनगोरे मनोज गन गोरे अजेश गन गोरे राम अवतार जकनोरे राजमोहन जक नोरे राजकुमार श्याम संजय राठौर महेंद्र अशोक चिंटू बंटी गोविंदा वीरू गन गोरे अनिल जकनोरे अजय गन गोरे संदीप जकनोरे वीरू गन गोरे किरण बाई जकनोरे शीला गन गोरे के साथ बड़ी संख्या कार्यक्रतागण स्वजातीय बंधु वर मातृशक्ति उपस्थित थे








