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कलेक्टर ने सुदूर आदिवासी अंचल के ग्राम मोर पानी,कासदा रैयत,भरगदा,चौकीपुरा का किया भ्रमण.

इटारसी//मनीष जायसवाल

कलेक्टर ने सुदूर आदिवासी अंचल के ग्राम मोर पानी, कासदा रैयत, भरगदा, चौकीपुरा का किया भ्रमण
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कलेक्टर ने मोर पानी में अमृत सरोवर झाड़ बाबा का निरीक्षण कर यूजर ग्रुप की महिलाओं से चर्चा की
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कासदा रैयत में चौपाल लगाकर महिलाओं द्वारा लगाए आम संतरे नींबू के प्लांटेशन का अवलोकन किया
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भरगदा में कस्टम हायरिंग सेंटर को सशक्त बनाने के दिए निर्देश
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कलेक्टर सोनिया मीना ने बुधवार को अपने प्रशासनिक अमले के साथ सुदूर ग्रामीण आदिवासी अंचल के ग्राम मोरपानी, कासदा रैयत,भरगदा और चौकीपूरा का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने मोर पानी में अमृत सरोवर झाड़ बाबा का निरीक्षण कर वहां यूजर ग्रुप की महिलाओं से चर्चा की। वही कासदा रैयत में राष्ट्रीय आजीविका समूह की महिलाओं की चौपाल लगाकर महिलाओं के द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली तथा समूह की महिलाओं के द्वारा लगाए गए आम, संतरे, नींबू के पौधों का अवलोकन किया।

कलेक्टर ने भरगदा में कस्टम हायरिंग सेंटर में स्व सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा की। और कस्टम हायरिंग सेंटर को सशक्त बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर की ओनरशिप महिलाओं को ही दी जाएगी। यहां पर कृषि से संबंधित सभी उपकरण, खाद बीज वाजिब कीमत पर किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे।

*कलेक्टर ने मोर पानी में अमृत सरोवर का निरीक्षण किया

कलेक्टर सोनिया मीना ने इटारसी के सुदूर ग्रामीण आदिवासी अंचल के ग्राम मोर पानी में अमृत सरोवर योजना के तहत नरेगा एवं ईआरएएस के सहयोग से बनाए गए अमृत सरोवर झाड़ बाबा का निरीक्षण किया , बताया गया कि अमृत सरोवर के समीप में महिलाओं के यूजर ग्रुप द्वारा न्यूट्रस गार्डन, एवं ग्रीन वेजिटेबल लगाया जाता है। थोड़े से क्षेत्र में मछली पालन भी किया जा रहा है। कलेक्टर ने यूजर ग्रुप की महिलाओं से मौके पर ही चर्चा की, महिलाओं ने बताया कि बरसात में अमृत तालाब लबालब भर जाता है। छोटा डाबरा एवं डाबरी में मछली पालन एवं सरोवर के किनारे सब्जी का उत्पादन कर यूजर ग्रुप की महिलाएं प्रतिवर्ष डेढ़ से दो लाख रुपए की आय अर्जित करती हैं। अमृत सरोवर के कारण अब ग्रामीण साल में तीन फसल लेते हैं। अमृत सरोवर में पानी की उपलब्धता से वाटर लेवल भी अच्छा है। गांव के 17 हैंड पंप सभी चालू स्थिति में है। एवं सभी हैंड पंप में भरपूर पानी है। बताया गया की नल जल योजना भी अगले वर्ष शुरू हो जाएगी। पाइपलाइन डालने का काम चालू है और पानी की टंकी का निर्माण कार्य भी चल रहा है। कलेक्टर ने निर्देश दिए की बारिश से पहले नलजल योजना ग्राम पंचायत को हैंडोवर की जाए।

*बताया गया कि ग्रामीण समीप के तालाब में मछली पालन भी करते हैं, इस समय 15 हजार मछली के बीज तालाब में डाले गए है।

मौके पर उपस्थित यूजर ग्रुप की महिलाओं ने कलेक्टर को अपनी समस्या बताते हुए कहा कि उप स्वास्थ्य केंद्र में गोली एवं दवाइयां तो मिलती है लेकिन इंजेक्शन नहीं मिलता है। गंभीर बीमारी में केसला स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है। केसला के बीएमओ आरएस मीणा ने बताया कि मोर पानी स्वास्थ्य केंद्र में 11 प्रकार की जांच होती है। उन्होंने यूजर ग्रुप की महिलाओं से कहा कि वह अपने हीमोग्लोबिन, सर्दी, खांसी एवं अन्य 11 प्रकार के बीमारियों का परीक्षण स्वास्थ्य केंद्र में करा सकती हैं। कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्र की भी जानकारी ली और कुपोषित बच्चों के संबंध में पूछताछ की। बताया गया कि वर्तमान में दो कुपोषित बच्चों को केसला के एनआरसी में भेजा गया है। मोर पानी में प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय हैं। दिव्यांग, बुजुर्ग एवं विधवाओं को पात्रता अनुसार पेंशन मिल रही है

*मोर पानी में है तेंदूपत्ता संग्राहकों की समिति

यूजर ग्रुप की महिलाओं ने बताया कि मोर पानी में तेंदूपत्ता संग्राहकों की समिति भी है। 200 गडडी तेंदूपत्ता में ₹800 रुपए तक की आमदनी होती है। तेंदूपत्ता वन विभाग के सहयोग से विक्रय किए जाते हैं। राशि सीधे हितग्राही के बैंक खाते में आ जाती हैं। कलेक्टर ने कहा कि आप सब पहले मजदूर के रूप में काम करते थे लेकिन अब मलिक के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने यूजर ग्रुप की महिलाओं एवं ग्रामीणों के कार्यों की सराहना की और कहां की महिला सशक्तिकरण में मोर पानी की महिलाएं अद्भुत हैं और प्रेरणादायी है।

*उप स्वास्थ्य केंद्र मोर पानी का किया निरीक्षण

कलेक्टर ने मोर पानी में आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। सीएचओ ने बताया कि उन्हें इंजेक्शन लगाने की ट्रेनिंग नहीं मिली है, इसलिए केवल मरीज को गोली और दवाइयां ही देते हैं। टीकाकरण का कार्य शत प्रतिशत हो चुका है। कलेक्टर ने निर्देश दिये कि ग्राम की महिलाएं या मरीज जब भी स्वास्थ्य केंद्र आए तब भी उन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जाए। बताया गया कि गर्भवती महिलाओं की जानकारी अनमोल एप पर दर्ज की जाती है। कलेक्टर ने एएनएम दीपिका मालवीय को बेहतर ढंग से कार्य करने एवं ग्रामीण की हर संभव मदद करने, सहयोग करने के निर्देश दिए।

*कासदा रैयत में महिलाओं की चौपाल लगाकर फलदार पौधों का किया अवलोकन

कलेक्टर सोनिया मीना ने ग्राम कासदा रैयत में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा संचालित स्व सहायता समूह की महिलाओं की चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं जानी। महिलाओं ने बताया कि ग्राम में पानी की समस्या है, लेकिन इसके बावजूद भी महिलाओं ने फलदार पौधे लगाए हैं। आने वाले समय में फलदार पौधों से एक अतिरिक्त आमदनी होगी। महिलाओं ने बताया कि नंदन फल उद्यान के अंतर्गत समिति बनाई गई है। नरेगा से राशि भी प्राप्त हुई है। इससे दशहरी आम, लंगड़ा आम एवं नींबू एवं संतरे के पौधों का प्लांटेशन किया गया है। वर्तमान में 23 किसानों ने सक्रिय रहकर फलदार पौधे लगाए हैं। 40 किसानों को नींबू एवं संतरे के पौधे दिए गए हैं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत ने बताया कि यदि सही वर्क किया गया तो आगे जाकर फलदार पौधों से महिलाओं को लाखों रुपए की आमदनी प्राप्त होगी। बताया गया कि जल्द ही सोलर प्लांटेशन का कार्य भी किया जाएगा जिससे बिजली की समस्या का स्थाई निराकरण हो जाएगा। प्रदान संस्था द्वारा समूह की महिलाओं को फलदार पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बताया गया की लिफ्ट इरीगेशन से 13 लोगों को लाभ मिल रहा है। कलेक्टर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिए की यदि शासन से कोई प्रोजेक्ट आता है तो उसमें लिफ्ट इरीगेशन का कार्य अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए। बताया गया कि सुखतवा नदी से लिफ्ट कराकर पानी लाया जाता है। नदी 600 मीटर दूर है। बताया गया कि इंटेक बनाकर भी पानी रोकने का प्रयास किया जाएगा। यदि नदी सूख भी गई तो जमीन में इतना पानी रहता है कि उसका उपयोग किया जा सकता है। कलेक्टर ने कहा कि सरपंच एवं समूह की महिलाएं लोगों को साथ लेकर कार्य करें। साथ ही ग्राम के पुरुष भी सक्रिय भागीदारी निभाएं। बताया गया कि प्रदान संस्था द्वारा पंचायत के साथ मिलकर भी कार्य किया जा रहा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने अवगत कराया कि 23 हजार आम एवं संतरे के पौधे उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि सीताफल भी रोजगार देने वाला जरिया बनेगा।। समूह की महिलाओं ने बताया कि तालाब एवं छोटे तालाब डाबरी बनाने की शुरुआत उन लोगों ने की है। डाबरी में मछली पालन भी कर रहे हैं। आदिवासी अंचल के 44 गांव में प्रदान संस्था द्वारा महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इस दौरान कलेक्टर ने आम संतरा एवं नींबू के फलदार पौधों का अवलोकन किया। बताया गया कि 199 किसान प्लांटेशन का कार्य करते हैं

*कस्टम हायरिंग सेंटर में किसानों के लिए सभी उपकरण एवं यंत्र रहेंगे

कलेक्टर ने भरगदा में नवनिर्मित कस्टम हायरिंग सेंटर का निरीक्षण किया। बताया गया कि कस्टम हायरिंग सेंटर में कृषि यंत्र, रोटावेटर, खाद बीज एवं कृषि के उन्नत उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। किसानों को वाजिब कीमत पर दिए जाएंगे। बताया गया कि भरगदा में महिला स्वयं सहायता समूह काफी सक्रिय है। लगभग 370 महिलाओं का समूह सेनेटरी पैड, अचार यूनिट, अगरबत्ती निर्माण, फलदार पौधे का प्लांटेशन, जैविक सब्जी का उत्पादन, मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन, खिलौनो का निर्माण, मसाला यूनिट, साबुन, तेंदूपत्ता संग्रहण, गोबर खाद बनाने का कार्य कर रही है और इससे अपनी आजीविका कमा रही है। बताया गया कि जल्दी मिलेट यूनिट महिलाओं द्वारा स्थापित किया जाएगा। गौशाला स्थापित कर केंचुआ खाद बनाने का कार्य किया जाएगा

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर ने समूह
की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि समूह की महिलाएं स्व प्रेरित होकर कार्य कर रही हैं, यह महत्वपूर्ण बात है। आजीविका संवर्धन के लिए नित नई गतिविधियां संचालित की जा रही है। महिलाओं के इस प्रयास से क्षेत्र में संपन्नता भी आई है। केसला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है यहां पर विशेष योजनाएं भी संचालित होती है। उन्होंने महिलाओं से कहा की वे सभी शासन की योजनाओं का पूरा-पूरा लाभ लें। उन्होंने महिलाओं से कहा कि महिलाएं सक्षम एवं आत्मनिर्भर होकर लोगों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। उन्होंने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर की ऑनर शिप भी महिलाएं ले। महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं से सीख लेते हुए पुरुष भी आजीविका मिशन से जुड़े और छोटे-मोटे व्यवसाय करें। उन्होंने कहा कि एनआर एल म की टीम ने बेहतरीन कार्य करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने इस क्षेत्र में एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। अब बाहर से आने वाले अधिकारियों को महिलाओं की इन गतिविधियों से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं को यदि प्रशिक्षण की आवश्यकता होगी तो प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि यदि महिलाओं को सहायक के रूप में किसी को रखने की आवश्यकता हो सकती है तो वह रख सकते हैं। कलेक्टर ने आशा व्यक्त की की आने वाले समय में केसला एवं सुख तवा आदिवासी अंचल के ग्राम एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर कर सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदान संस्था भी बेहतर कार्य कर रही है। कलेक्टर ने कहा कि सभी कस्टम हायरिंग सेंटर का बेहतरीन उपयोग करे।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत ने कहा कि वाटरशेड मिशन के तहत कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित किया गया है। आसपास के लोगों को कृषि उपकरण यंत्र एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराए जाएंगे। इसका संचालन किसान, महिलाएं मिलकर करेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कृषि , उद्यान एवं पशुपालन विभाग से जुड़े लोगों का प्रशिक्षण में यहां पर कराया जाएगा। इस अवसर पर प्रतीक शर्मा एवं समूह की महिला सरिता दामले, सरस्वती, मीरा यादव ने भी अपने विचार व्यक्त किये। महिलाओं ने कहा कि उन्हें अपने व्यवसाय का और विस्तार करना है अतः शासन उन्हें अधिक से अधिक मदद उपलब्ध कराए

*कलेक्टर ने महिलाओं द्वारा लगाए स्टॉल का निरीक्षण किया

कस्टम हायरिंग सेंटर में आजीविका समूह की महिलाओं ने जैविक सब्जी, तरह-तरह के अचार, मसाला, खिलौने एवं घरेलू उपयोग की वस्तुएं, ग्रीन वेजिटेबल की प्रदर्शनी लगाई थी। कलेक्टर ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और सभी महिलाओं से चर्चा की उनके द्वारा उत्पादित वस्तुओं की सराहन की

*अचार यूनिट का निरीक्षण

कलेक्टर ने चौकी पूरा में प्रदान संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया। संस्था में संचालित अचार् यूनिट का निरीक्षण किया। समूह की महिलाओं ने बताया कि आम नींबू मिर्च कटहल के अचार यूनिट में बनाए जाते हैं। ऑर्डर पर भी अचार बनाए जाते हैं और यहां पर कार्यरत महिलाओं को सम्मानजनक राशि प्राप्त होती है।

निरीक्षण के दौरान इटारसी के एसडीएम प्रतीक राव, अधीक्षक यंत्र की ईआरएएस श्री मिर्धा, नायब तहसीलदार श्री रघुवंशी एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

 

 

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