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जीनियस प्लानेट में उदय दहिया के व्यंग्यों ने घोली खुशियां,स्ट्रेस आउट, लाफ्टर इन : उदय दहिया के बुंदेली अंदाज़ ने जीता बच्चों का दिल.हंसी की फुहारों ने मिटाया परीक्षा का भार.

इटारसी // मनीष जायसवाल

कलम की धार और हंसी की फुहार : जीनियस प्लानेट में स्ट्रेस-फ्री एग्जाम का अनूठा मंत्र’

स्ट्रेस आउट, लाफ्टर इन : उदय दहिया के बुंदेली अंदाज़ ने जीता बच्चों का दिल हंसी के ‘जीनियस’ ने मिटाया परीक्षा का फोबिया

शिक्षा केवल किताबी ज्ञान का संचय नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। इसी दर्शन को चरितार्थ करते हुए, सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूल जीनियस प्लानेट ने बच्चों के मन से परीक्षा के बोझ को हटाकर उन्हें मानसिक सुकून देने की एक अनोखी पहल की। अवसर था स्टेंडअप कॉमेडियन और जिले के गौरव उदय दहिया के हास्य व्यंग्य कार्यक्रम का, जहां खिलखिलाते चेहरों के बीच स्ट्रेस (तनाव) कहीं ओझल होता नजर आया।

संस्कारों से शुरुआत, ठहाकों पर अंत

कार्यक्रम का आगाज मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जो इस बात का प्रतीक था कि ज्ञान के प्रकाश के साथ मानसिक शांति भी उतनी ही आवश्यक है। स्कूल के संचालक मोहम्मद जाफर सिद्दीकी और प्रिंसिपल मनीता सिद्दीकी ने अतिथि उदय दहिया का आत्मीय स्वागत किया। विद्यार्थी हर्ष नितिन यादव ने जब उदय दाहिया का परिचय दिया, तो उसमें आभार की वह भावना छिपी थी जो आज के समय में हर विद्यार्थी महसूस कर रहा है—कि काश! कोई हमें इस तनाव से मुक्ति दिला दे।

बुंदेली अंदाज और बचपन की यादें

जब उदय दहिया मंच पर आए, तो उन्होंने अपनी चिर-परिचित बुंदेली शैली से समां बांध दिया। ‘करिया के दद्दा’ और ‘शक्ति कपूर की अठन्नी’ जैसे लतीफों ने न केवल बच्चों को गुदगुदाया, बल्कि उपस्थित गणमान्य नागरिकों को भी उनके बचपन के उन सुनहरे गलियारों में वापस ले गए जहां परीक्षा एक डर नहीं, बल्कि जीवन का एक हिस्सा मात्र थी। उनका हास्य मात्र मनोरंजन नहीं था, बल्कि एक दर्शन था कि ‘हंसी वह दवा है जो सबसे कठिन समय में भी धैर्य बनाए रखने की शक्ति देती है।’

भावनाओं का संगम

इस महफिल में छोटे बच्चों की मासूम हंसी और बड़ों के गंभीर अनुभवों का एक सुंदर मिलन देखने को मिला। सुधीर गोठी, सुनील बाजपेई, बीके पटेल, और अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को एक सामाजिक उत्सव का रूप दे दिया। स्कूल स्टाफ और अभिभावकों ने भी महसूस किया कि परीक्षा की तैयारी केवल रटने से नहीं, बल्कि शांत और खुशहाल मन से बेहतर होती है।

जब हम हंसते हैं, तो डर पीछे छूट जाता है। जीनियस प्लानेट का यह प्रयास बच्चों को यह सिखाने के लिए था कि परिणाम जो भी हो, जीवन की मुस्कुराहट सबसे अनमोल है।

कार्यक्रम में मनोज गालर, मनोज गुप्ता, नवल सिंह चौहान, डॉ. रविंद्र गुप्ता, उमा शुक्ला, राधिका राणा, प्रीति दुबे, प्रभा धारगा, जया गांधी, वनिता अग्रवाल सहित स्कूल कमेटी के सदस्य सरबजीत सिंह सैनी, धर्मिशा यादव, पल्लवी सिंह एवं बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे।

 

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