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नगर पालिका परिषद इटारसी के तानाशाही पूर्ण निर्णय का नर्मदा पुरम पत्रकार संघ इटारसी के द्वारा किया जा रहा है विरोध,समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव से संपर्क करेंगे.

इटारसी //

न्यूज़ अपडेट

नगर पालिका परिषद इटारसी के तानाशाही पूर्ण निर्णय का नर्मदा पुरम पत्रकार संघ इटारसी के द्वारा जोरदार विरोध किया गया है। यदि परिषद ने अपना निर्णय नहीं बदला तब इटारसी के पत्रकार प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव से संपर्क करेंगे और संपूर्ण घटना की जानकारी देंगे । पत्रकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद पगारे उपाध्यक्ष अनिल मिहानी संभागीय अध्यक्ष रोहित नागे, पत्रकार पुनीत दुबे पत्रकार अरविंद शर्मा पत्रकार राहुल शरण इंद्रपाल सिंह राहुल अग्रवाल प्रदीप तिवारी बी एल श्रीवास पत्रकार ने नगर पालिका के इस निर्णय का घोर विरोध किया है और कलेक्टर साहब का नाम लेकर 15 अगस्त के जो विज्ञापन नहीं दिए जा रहे हैं उसकी कटु शब्दों में निंदा की है ।जिम्मेदार कर्मचारी के द्वारा समस्त मीडिया कर्मियों को फोन करके यह जानकारी दी गई है कि कलेक्टर नर्मदा पुरम के द्वारा 15 अगस्त के विज्ञापन समाचार पत्रों एवं टीवी चैनल को देने के लिए मना कर दिया गया है। फोन पर दी गई जानकारी में यह बताया जा रहा है कि कलेक्टर के निर्देश है कोई भी कार्य आदेश जारी नहीं किया जाएगा। जनसंपर्क विभाग के द्वारा अनुशंसा होने पर ही विज्ञापन दिए जावेंगे। कलेक्टर के नाम का कितना मजाक उड़ाया जा रहा है। जब मीडिया कर्मियों ने जनसंपर्क कार्यालय नर्मदा पुरम से संपर्क किया तब वहां के अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि कलेक्टर नर्मदा पुरम के द्वारा किसी प्रकार की अनुशंसा का कोई निर्देश नहीं दिया गया है। वहीं जनसंपर्क अधिकारी ने यह भी कहा कि जिनको विज्ञापन दिए जाना रहता है मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग समाचार पत्र अथवा टीवी चैनल को विज्ञापन की श्रेणी में मान्यता प्रदान करता है। विज्ञापन देना अथवा विज्ञापन रोकना सीधे जनसंपर्क विभाग के हाथ में है। और कोई भी अधिकारी उसमें हस्तछेप नहीं कर सकता है ।हमारा नर्मदा पुरम की कलेक्टर महोदय से अनुरोध है साल में दो बार 15 अगस्त और 26 जनवरी को स्थानीय निकाय प्रदर्शन विज्ञापन देते हैं ।और आपका नाम का सहारा लेकर मीडिया कर्मियों को छोटे विज्ञापनों से रोका जा रहा है। जबकि नगर पालिका इटारसी के द्वारा एक-एक समाचार पत्र को पूर्व में पांच-पांच लाख रुपए के विज्ञापन अलग-अलग योजना में दिए गए। चाहे इटारसी के विकास के नाम पर हो ,इटारसी के जन्मदिवस के नाम पर हो, अथवा अन्य कोई योजना हो। समाचार पत्र जो जनसंपर्क विभाग से स्वीकृत है विज्ञापन की श्रेणी में आते हैं उनको विज्ञापन देने पर अगर मुख्य नगर पालिका अधिकारी रोक लगा रहे हैं तो इसकी जांच की जानी चाहिए। और समाचार पत्रो एवं टीवी चैनलों को विज्ञापन दिए जाने चाहिए

 

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