
बुधनी मेडिकल कॉलेज अधूरा, नर्मदापुरम और सीहोर जिले के मेडिकल क्षेत्र के विद्यार्थियों और मरीजों के साथअन्याय। एम एन सी की उल्लेखित कमियों को दूर कर पुनः आवेदन क्यों नहीं अधिकारी दंडित हो —रमेश के साहू एडवोकेट.
नर्मदापुरम/इटारसी।
मनीष जायसवाल
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व स्टार प्रचारक एवं सचिव रमेश के साहू एडवोकेट ने बुधनी मेडिकल कॉलेज शुरू नहीं होने पर प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि लगभग 700 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना आज भी डॉक्टरों, फैकल्टी, उपकरणों और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) की मान्यता के अभाव में अटकी हुई है। इसका नुकसान केवल बुधनी या सीहोर जिले को नहीं, बल्कि इटारसी, नर्मदापुरम, और आसपास के पूरे क्षेत्र को उठाना पड़ रहा है।
अधिवक्ता रमेश के साहू ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2023 में बुधनी में सर्वसुविधायुक्त मेडिकल कॉलेज लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से बनाने की घोषणा की थी।जिसे पूर्ण कराने में वर्तमान मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव गंभीरता से रुचि नहीं ले रहे है।
एडवोकेट साहू ने कहा कॉलेज का भवन तैयार होने और डीन की नियुक्ति होने के बावजूद यहां एमबीबीएस की पढ़ाई और विधिवत चिकित्सा सेवाएं प्रारंभ नहीं हो सकी हैं जो गंभीर विचारणीय विषय है ।
कॉलेज शुरू नहीं होने के प्रमुख कारण
रमेश साहू ने बताया कि बुधनी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों, प्रोफेसरों, सीनियर रेजिडेंट और अन्य आवश्यक मेडिकल कर्मचारियों की पर्याप्त भर्ती नहीं हुई। मेडिकल शिक्षा के लिए जरूरी प्रयोगशालाएं, फर्नीचर, चिकित्सा उपकरण, विभागीय व्यवस्थाएं और अस्पताल से जुड़ी सुविधाएं भी निर्धारित मापदंडों के अनुरूप पूरी नहीं की गईं।
एनएमसी के निरीक्षण में कमियां पाए जाने के कारण कॉलेज को मान्यता नहीं मिली।
इसके बाद सरकार को कमियां दूर करके पुनः आवेदन करना चाहिए था, ताकि हॉस्पिटल शुरू होता और प्रस्तावित एमबीबीएस सीटों पर छात्रों को प्रवेश मिलता जो समय रहते नहीं किया गया।
नर्मदापुरम सीहोर जिले को हो रहा बड़ा नुकसान
रमेश के साहू ने कहा कि भौगोलिक रूप से बुधनी नर्मदापुरम के बेहद निकट है। मेडिकल कॉलेज शुरू होने पर नर्मदापुरम, इटारसी, सोहागपुर, पिपरिया, माखननगर, सिवनी मालवा,बुधनी, सलकनपुर,नसरुल्लागंज,शाहगंज, बाड़ी ,बरेली,बकतराऔर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों मरीजों को लाभ मिलता।
मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होने से नर्मदापुरम और सीहोर जिले के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के अतिरिक्त अवसर मिलते।
कॉलेज शुरू नहीं होने से पूरा क्षेत्र स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार—तीनों मोर्चों पर नुकसान उठा रहा है।
…कांग्रेस नेता रमेश के साहू ने कहा मेडिकल कॉलेज की सार्थकता तभी है, जब उसमें विद्यार्थी पढ़ें, योग्य डॉक्टर तैयार हों और मरीजों को उपचार मिले।
डॉक्टर, फैकल्टी, उपकरण और एनएमसी की मान्यता के बिना यह भवन सरकार की अधूरी योजना और प्रशासनिक विफलता का प्रतीक बन गया है।”
श्री साहू ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और चिकित्सा शिक्षा विभाग से मांग की है कि बुधनी मेडिकल कॉलेज की सभी कमियों की समयबद्ध समीक्षा की जाए और एनएमसी की मान्यता के लिए पुनः आवेदन किया जाए।
जिम्मेदार अधिकारियोंओ के विरुद्ध कार्यवाही हो।
श्री रमेश के साहू एडवोकेट ने पूर्व मुख्य मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद दर्शन सिंह चौधरी ,बुधनी के विधायक श्री रमाकांत भार्गव,पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीताशरण शर्मा, विधायक श्री विजयपाल जी, विधायक श्री ठाकुरदास नागवंशी विधायक श्री प्रेमशंकर वर्मा से निवेदन किया है कि वे संयुक्त प्रयास कर बुधनी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल को शीघ्र प्रारंभ कराए।
श्री साहू ने ये भी मांग की है कि सरकार सार्वजनिक रूप से बताए कि बुधनी कॉलेज में चिकित्सा सुविधा और एमबीबीएस प्रवेश किस सत्र से प्रारंभ होगा।उपरोक्त जानकारी श्री रमेश साहू, अधिवक्ता पूर्व स्टार प्रचारक एवं सचिव मध्य प्रदेश कांग्रेस लीगल सेल द्वारा दी गई है








