
आदिवासियों को उनका हक देना सरकार की जिम्मेदारी, …. सिर्फ घोषणाओं से काम नहीं चलेगा : रमेश के साहू एडवोकेट.
इटारसी//नर्मदापुरम
//मनीष जायसवाल
पूर्व स्टार प्रचारक और प्रदेश सचिव रमेश के साहू एडवोकेट ने 15 सितंबर को माखन नगर तहसील कार्यालय के सामने सर्व आदिवासी समाज द्वारा आयोजित महा आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की जल, जंगल, जमीन, भूमि अधिकार, विस्थापन, पुनर्वास और सम्मान से जुड़ी मांगों को सरकार गंभीरता से सुने और उनका स्थायी समाधान करे।
एडवोकेट साहू ने कहा कि आदिवासी समाज अपने अधिकारों के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहा है। सरकार का दायित्व है कि वह आंदोलनकारियों की बात सुने और उनकी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करे।
उन्होंने कहा कि आदिवासियों के हित में योजनाओं और घोषणाओं की कमी नहीं है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनका वास्तविक लाभ जरूरतमंद परिवारों तक कितना पहुंच रहा है।
श्री साहू ने कहा कि
जिन आदिवासी परिवारों के सामने विस्थापन अथवा भूमि अधिकार का संकट है, उनके मामलों की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार न्याय दिलाया जाना चाहिए।
साहू ने कहा कि आदिवासी भारत की मूल आत्मा है 15 सितंबर का आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि अपने हक और अधिकार के लिए आदिवासी समाज की लोकतांत्रिक आवाज है।
सरकार को इस आवाज को दबाने या नजरअंदाज करने के बजाय आंदोलनकारियों से सीधी बातचीत करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि “आदिवासी समाज अपने वो अधिकार मांग रहा है,जो उनका संवैधानिक अधिकार है ।
15 सितंबर के महा आंदोलन के बाद सरकार को आदिवासी समाज की मांगों पर स्पष्ट और ठोस निर्णय लेना चाहिए।”







