
जिन दस्तावेजों में व्यावसायिक उद्देश्य नहीं उनमें स्टांप ड्यूटी क्यों ? *पारिवारिक बंटवारा,दानपत्र, हकत्याग,एक्सचेंज डीड को मुद्रांक और पंजीयन शुल्क से मुक्त करे सरकार* छत्तीसगढ़ मॉडल पर विचार हो…. रमेश के साहू एडवोकेट (कांग्रेस लीगल सेल).
इटारसी //मनीष जायसवाल
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी लीगल सेल के पूर्व सचिव संगठन रमेश के साहू एडवोकेट ने शासन से मांग की है कि जिन दस्तावेजों में व्यावसायिक उद्देश्य नहीं है उनको स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क से मुक्त किया जाना चाहिए।
एडवोकेट साहू ने कहा कि पारिवारिक बंटवारा,हक त्याग,दान पत्र वसीयत और एक्सचेंज डीड जैसे दस्तावेज मात्र पारिवारिक व्यवस्था में रिकॉर्ड ठीक करने वाले होते है,जिनमें कोई व्यवसायिक उद्देश्य नहीं होता है इसलिए ऐसे दस्तावेजों को स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस से मुक्त किया जाना जनहित में होगा।
श्री साहू ने कहा कि पारिवारिक दस्तावेज स्टांप ड्यूटी और मुद्रांक शुल्क से मुक्त होने पर जहां एक और पारिवारिक विवाद समाप्त होंगे वहीं दूसरी ओर न्यायालय में लंबित प्रकरणों की संख्या भी घटेगी।
श्री साहू ने यह भी कहा कि व्यक्तिगत और शासकीय अभिलेख के रखरखाव हेतु गैर व्यावसायिक दस्तावेजों को स्टॉप ड्यूटी से मुक्त किए जाने का निर्णय आज की आवश्यकता है जिसके माध्यम से भविष्य में विवादों की संख्या कम होगी।
श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की छत्तीसगढ़ सरकार ने इस तरह के छूट दी है उससे दस्तावेजों के पंजीकरण की संख्या बढ़ी है जिसके भविष्य में सकारात्मक परिणाम आयेंगे।
श्री साहू ने कहा कि जनता की प्रॉपर्टी और जनता पारिवारिक व्यवस्था स्वेच्छा अनुसार करना चाहती है तो इसमें सरकार को किस बात का मुद्रांक और पंजीयन शुल्क दें ?
श्री साहू ने कहा कि कोई भी शुल्क या टैक्स बचत इनकम या सुविधा पर लगाया जात है






