
जीनियस प्लेनेट स्कूल में हिंदी पखवाड़े का समापन.
इटारसी// मनीष जायसवाल
जीनियस प्लेनेट स्कूल में हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी दिवस पखवाड़े का समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसे विद्यालय की प्राचार्य मनीता सिद्दीकी द्वारा संपन्न किया गया। तत्पश्चात प्राचार्य महोदय का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के अक्षर, शब्द, वाक्य, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण आदि विषयों पर शानदार एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुतियाँ दीं। विद्यार्थियों ने हिंदी साहित्य के प्रख्यात साहित्यकारों एवं कवियों के जीवन-परिचय प्रस्तुत करते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का प्रभावशाली पठन भी किया। इनमें मैथिलीशरण गुप्त, महादेवी वर्मा, महावीर प्रसाद द्विवेदी आदि साहित्यकारों की रचनाएँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
कार्यक्रम में गणित विषय के शिक्षक गौरव मालवीय द्वारा रश्मिरथी के तृतीय पाठ की शानदार प्रस्तुति दी गई। हिंदी शिक्षिका संध्या वारवे ने हिंदी दिवस के अवसर पर अपनी सुंदर कविता प्रस्तुत की। वहीं संस्कृत शिक्षिका शिव कुमारी चौरे द्वारा हिंदी भाषा पर स्वरचित कविता की मनमोहक प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम का सबसे रोचक एवं आकर्षक क्षण रहा विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत “दोहा एवं कविता अंताक्षरी”, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी स्मरणशक्ति, साहित्यिक ज्ञान एवं रचनात्मक प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया। इस अनूठी प्रस्तुति ने पूरे कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का वातावरण बना दिया।
कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन हिंदी शिक्षिका तनुशी धनेधर द्वारा किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्य मनीता सिद्दीकी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि— “हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी पहचान, हमारा गौरव और हमारे संस्कारों की भाषा है। हमें हिंदी बोलने, सुनने और लिखने में गर्व महसूस करना चाहिए। अंग्रेज़ी को एक भाषा के रूप में सीखना आवश्यक है, लेकिन हिंदी हमारी अपनी भाषा है। प्रत्येक भारतीय को हिंदी का सम्मान करना चाहिए। जब हम अपनी भाषा का सम्मान करेंगे, तभी हिंदी दिवस मनाने की सार्थकता पूर्ण होगी।”
यह संपूर्ण कार्यक्रम विद्यालय की हिंदी शिक्षिकाओं द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया, जिसमें सभी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण प्रस्तुतियों ने हिंदी भाषा एवं हिंदी साहित्य के प्रति उनके प्रेम और सम्मान को प्रदर्शित किया।










